बेटी को चांद जैसा मत बनाओ कि हर कोई घूर घूर कर देखे
किंतु
बेटी को सूरज जैसा बनाओ ताकि घूरने से पहले सब की नजर झुक जाये.
हम लोग बेटियों के लिये हर तरह अधिक चिंता किया करते हैं
लेकिन
आज के इस युग में एक बेटी दस बेटों के तुल्य है ....
पिता की दौलत पर घमंड करने में क्या खुद्दारी, मजा तो तब है जब दौलत अपनी हो और घमंड पिता करे।
एक विनम्र निवेदन:- दीपावली पर लगभग हर घर में श्री गणेश और लक्ष्मी जी की नई मूर्तियों की पूजा होगी.. लेकिन,पुरानी मूर्ति का क्या होगा.. ? ...
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