मुझे छाओं में रखा, खुद जलता रहा धुप में, मैंने देखा है, एक फरिश्ता मेरे पिता के रूप में!!
पिता की दौलत पर घमंड करने में क्या खुद्दारी, मजा तो तब है जब दौलत अपनी हो और घमंड पिता करे।
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एक अपील 🙏🏻🙏🏻
एक विनम्र निवेदन:- दीपावली पर लगभग हर घर में श्री गणेश और लक्ष्मी जी की नई मूर्तियों की पूजा होगी.. लेकिन,पुरानी मूर्ति का क्या होगा.. ? ...
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इंसान कभी गलत नहीं होता, उसका वक़्त गलत होता है. मगर लोग इंसान को गलत कहेते हे. जैसे के, पतंग कभी नहीं कटती, कटता तो धागा हे फिर भी लोग कहेते...
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